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चना कब नहीं खाना चाहिà¤: किन लोगों को चना नहीं खाना चाहिà¤? à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ से जानें
चना कब नहीं खाना चाहिà¤: चने का पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ कई लोगों को पचने में समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में इनके सेवन से पहले कà¥à¤› बातों को जान लें।
चना पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ फूड है जिसे कई लोग खाना बहà¥à¤¤ पसंद करते हैं। चना फाइबर से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है और पाचन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखता है। इसके अलावा इसका ऑयरन शरीर में खून की कमी को दूर करता है और ताकत बढ़ाता है। इसके अलावा चना खाना उन लोगों के लिठà¤à¥€ फायदेमंद है जिनकी मांसपेशियां कमजोर या फिर जिनके शरीर की बनावट कमजोर है। लेकिन कà¤à¥€ आपने सोचा है कि किन लोगों के लिठचना खाना फायदेमंद नहीं है? इसी बारे में हमने लखनठडाइट कà¥à¤²à¥€à¤¨à¤¿à¤• की à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ डॉ. अशà¥à¤µà¤¨à¥€ कà¥à¤®à¤¾à¤° से बात की, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने हमें बताया कि किन लोगों को चना खाने से बचना चाहिठऔर कब चना खाना नà¥à¤•सानदेह (side effects of eating chickpeas) है।Â
चना कब नहीं खाना चाहिà¤-Who should not eat chickpeas in hindi
1. गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤‚टेसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨à¤² समसà¥à¤¯à¤¾ वाले लोगों को
चना खाने के बाद कई लोग पेट दरà¥à¤¦, गैस और बदहजमी की शिकायत करते हैं। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि चना खाने के बाद गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤‚टेसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨à¤² समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ काफी आम हैं। दरअसल, चना में कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ कंपाउंड होते हैं जो ठीक से पच नहीं पाते हैं। इसके अलावा पके हà¥à¤ चना में जटिल शà¥à¤—र, किणà¥à¤µà¤¿à¤¤ ओलिगोसेकेराइड, डिसाकारà¥à¤‡à¤¡à¥à¤¸, मोनोसेकेराइड और पॉलीओलà¥à¤¸ à¤à¥€ होते हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पचाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है और आंतों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पूरी तरह से अवशोषित नहीं किया जा सकता है। ये शà¥à¤—र बड़ी आंत में बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किणà¥à¤µà¤¿à¤¤ होती हैं और आंतों में सूजन या आंत में फंसी हà¥à¤ˆ गैस का कारण बनते हैं जिससे असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ होती है। इसलिठपाचन तंतà¥à¤° के इन रोगों वाले लोगों को चना खाने से बचना चाहिà¤à¥¤ जैसे कि
-गैस और à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ वाले लोगों को
-कà¥à¤°à¥‹à¤¹à¤¨ रोग वाले
-बड़ी आंत में सूजन वाले लोगों को
-लैकà¥à¤Ÿà¥‹à¤œ असहिषà¥à¤£à¥à¤¤à¤¾ वाले लोगों को
2. गाउट से पीड़ित लोगों को
चना में पà¥à¤¯à¥‚रीन नामक à¤à¤• रसायन होता है और जब ये पà¥à¤¯à¥‚रीन टूट जाते हैं तो अतिरिकà¥à¤¤ यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होता है, जिसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प गाउट होता है। गाउट à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का गठिया है जो जोड़ों में यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ कà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤² के जमा होने के कारण होता है। इसे जोड़ों में दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है। इसलिठजिन लोगों को जोड़ों के दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ है या फिर अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ चना खाने से बचना चाहिà¤à¥¤Â
3. जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पथरी हो
किडनी की पथरी से बहà¥à¤¤ से लोग परेशान रहते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में चना खाना इन लोगों की इस परेशानी को और बढ़ा सकता है। दरअसल, चना में ऑकà¥à¤¸à¤¾à¤²à¥‡à¤Ÿ होते हैं, जो किडनी दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पेशाब के जरिठबाहर निकल जाते हैं। जैसे-जैसे शरीर में ऑकà¥à¤¸à¤¾à¤²à¥‡à¤Ÿ का सà¥à¤¤à¤° बढ़ता है, वे कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® के साथ किडनी में जमा हो जाते हैं और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® ऑकà¥à¤¸à¤¾à¤²à¥‡à¤Ÿ सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨, à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार की किडनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करते हैं। खून में यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के सà¥à¤¤à¤° में वृदà¥à¤§à¤¿ गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी के विकास को बढ़ावा दे सकती है। साथ ही ये किडनी के दरà¥à¤¦ को à¤à¥€ बढ़ा सकती है इसलिठकिडनी रोगी को इसे खाने से बचना चाहिà¤à¥¤
4. à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ वाले लोगों को
कà¥à¤› लोगों को चना सहित इस तरह की हाई पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ वाली फलियों से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होती है। अगर आपको चना खाते ही खà¥à¤œà¤²à¥€, उलà¥à¤Ÿà¥€ या फिर à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ राइनाइटिस की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है तो आपको à¤à¥€ इसे खाने से बचना चाहिà¤à¥¤ दरअसल, ये सब पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ या फिर फूड à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की वजह से होता है। इसी कारण से आपको मतली, उलà¥à¤Ÿà¥€, पेट में दरà¥à¤¦ और तà¥à¤µà¤šà¤¾ में खà¥à¤œà¤²à¥€ हो सकती है। चना खाने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह लेना सबसे अचà¥à¤›à¤¾ है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ तीवà¥à¤° हो सकती है और कà¤à¥€-कà¤à¥€ जानलेवा à¤à¥€ हो सकती है।
5. कà¥à¤› दवाà¤à¤‚ लेने वाले लोगों में
अगर आप कà¥à¤› दवाओं का सेवन करते हैं, तो आपको चना के सेवन को लेकर à¤à¤• बार सोचना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें पोटेशियम का मातà¥à¤°à¤¾ बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। तो जो लोग हृदय रोग के लिठबीटा-बà¥à¤²à¥‰à¤•रà¥à¤¸ जैसे दवाओं को ले रहे हैं, उनके खून में ये दवाà¤à¤‚ पोटेशियम के सà¥à¤¤à¤° को बढ़ा सकते हैं। इसलिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने पोटेशियम सेवन के बारे में सावधान रहना चाहिà¤à¥¤
तो, इन पांच तरह के लोगों को चने के सेवन से बचना चाहिà¤à¥¤ इससे आपके शरीर को कई नà¥à¤•सान हो सकता है, जो कि गंà¤à¥€à¤° परेशानियों का à¤à¥€ रूप ले सकता है। इसलिठइसके सेवन से बचें।
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